ATV News Channel में सख्त प्रशासनिक कार्रवाई: अब्दुल कादर शेख को निष्क्रियता के कारण गुजरात स्टेट हेड पद से हटाकर बनासकांठा के पालनपुर से ...

अहमदाबाद/पालनपुर, 17 अप्रैल 2026 – एटीवी न्यूज चैनल (ATV Media Group) ने गुजरात में एक और बड़ा बदलाव किया है। चैनल प्रबंधन ने निष्क्रियता और अपेक्षित प्रदर्शन में कमी के आधार पर अब्दुल कादर शेख को गुजरात राज्य के स्टेट हेड (State Bureau Chief) के उच्च पद से हटा दिया है। अब उन्हें बनासकांठा जिले के मुख्यालय पालनपुर से क्षेत्रीय संवाददाता (Correspondent) के रूप में तैनात किया गया है।
यह फैसला चैनल की नियमित आंतरिक समीक्षा के बाद लिया गया। महाराष्ट्र में यशवंत सावरीपगार के मामले के बाद गुजरात में यह दूसरी प्रमुख कार्रवाई है, जो स्पष्ट संकेत देती है कि एटीवी न्यूज अब किसी भी स्तर पर निष्क्रियता बर्दाश्त नहीं करेगा। चैनल का फोकस सक्रिय, जिम्मेदार और ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग पर है।
कादर शेख का सफर और डिमोशन का कारण
अब्दुल कादर शेख एटीवी न्यूज चैनल से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। कुछ समय पहले उन्हें गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां उन्हें स्टेट हेड के रूप में राजनीतिक खबरों, विकास कार्यों, कृषि मुद्दों और सीमा क्षेत्र की रिपोर्टिंग संभालनी थी। गुजरात में औद्योगिक विकास, बंदरगाह, कृषि सहकारिता और राजनीतिक गतिविधियां हमेशा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहती हैं।
हालांकि, पिछले कई महीनों में चैनल प्रबंधन को उनकी भूमिका में पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखी। स्टेट हेड के रूप में अपेक्षित ब्रेकिंग न्यूज, फील्ड रिपोर्टिंग, टीम कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्किंग में कमी पाई गई। बार-बार रिमाइंडर और चेतावनियों के बावजूद सुधार न होने पर चैनल को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
अब अब्दुल कादर शेख को बनासकांठा जिले के पालनपुर से साधारण संवाददाता के रूप में काम करना होगा। पालनपुर बनासकांठा का जिला मुख्यालय है, जो उत्तर गुजरात में स्थित है। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध कृषि, दुग्ध उत्पादन (खासकर बनास डेयरी), सीमा सुरक्षा मुद्दों, जातीय-सामाजिक तनावों और विकास कार्यों के लिए जाना जाता है। यहां से उन्हें रोजाना स्थानीय खबरें, किसान मुद्दे, सड़क-बुनियादी ढांचे की समस्याएं और कोई भी ब्रेकिंग इवेंट की रिपोर्टिंग करनी होगी।
यह बदलाव चैनल की नीति को रेखांकित करता है कि पद प्रदर्शन पर आधारित है, न कि स्थायी अधिकार पर। स्टेट हेड से तहसील/जिला स्तर पर डिमोशन प्रदर्शन सुधारने का अवसर भी देता है।
बनासकांठा और पालनपुर: नई जिम्मेदारी का महत्व
बनासकांठा गुजरात का एक सीमावर्ती जिला है, जो राजस्थान की सीमा से लगा हुआ है। पालनपुर यहां का प्रमुख शहर और प्रशासनिक केंद्र है। इस क्षेत्र की कुछ प्रमुख विशेषताएं और मुद्दे निम्न हैं:
- दुग्ध सहकारिता: बनास डेयरी (Banaskantha District Cooperative Milk Producers’ Union Ltd.) देश की सबसे बड़ी डेयरियों में से एक है। इसका वार्षिक टर्नओवर हजारों करोड़ रुपये है और लाखों किसानों की आजीविका इससे जुड़ी है। हाल ही में सिक्किम के प्रतिनिधिमंडल ने भी यहां का दौरा किया और सहकारिता मॉडल की सराहना की।
- कृषि और सिंचाई: क्षेत्र मुख्य रूप से कपास, जीरा, इसबगोल और अन्य फसलों के लिए जाना जाता है। मौसम की अनियमितता और सिंचाई की समस्याएं अक्सर चर्चा में रहती हैं।
- सामाजिक मुद्दे: हाल के दिनों में अंतर-जातीय विवाहों को लेकर Unn गांव में दंगे हुए, जिसमें कई लोग घायल हुए। जातीय तनाव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और आदिवासी समुदायों के मुद्दे भी यहां सक्रिय रहते हैं।
- सड़क दुर्घटनाएं और बुनियादी ढांचा: अबू-पालनपुर हाईवे पर ट्रक और SUV की टक्कर में कई मौतें हुईं। सड़कों की मरम्मत, पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स और शहरी विकास की खबरें नियमित आती रहती हैं।
- सीमा सुरक्षा: नडाबेट इंडो-पाक बॉर्डर के पास होने के कारण सुरक्षा, तस्करी और सीमा गांवों के विकास के मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
अब्दुल कादर शेख को अब इन मुद्दों पर ग्राउंड रिपोर्टिंग करनी होगी। चैनल उम्मीद करता है कि यह फील्ड वापसी उन्हें फिर से सक्रिय बनाएगी और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सके।
एटीवी न्यूज चैनल का सख्त चेतावनी संदेश: अन्य निष्क्रिय संवाददाताओं के लिए
एटीवी न्यूज चैनल के प्रबंधन ने इस घटना के साथ सभी संवाददाताओं, ब्यूरो चीफ्स और स्टेट हेड्स के लिए एक स्पष्ट और सख्त संदेश जारी किया है:
“एटीवी न्यूज चैनल राष्ट्र की सच्ची और साहसी आवाज है। हम निष्क्रियता, लापरवाही या आलस्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। गुजरात में अब्दुल कादर शेख और महाराष्ट्र में यशवंत सावरीपगार के मामले साबित करते हैं कि प्रदर्शन ही सब कुछ है। जो संवाददाता फील्ड में सक्रिय नहीं रहेंगे, ब्रेकिंग न्यूज नहीं देंगे, लोकल स्रोत नहीं विकसित करेंगे या अपनी टीम को मजबूत नहीं रखेंगे, उन्हें स्टेट हेड से लेकर जिला या तहसील स्तर तक डिमोट किया जाएगा।
पालनपुर जैसी जगह से शुरू करके स्टेट हेड बनना संभव है, लेकिन स्टेट हेड से पालनपुर तक वापसी भी उतनी ही आसान है अगर निष्क्रियता जारी रही। हमारी टीम को 24×7 ताजा, सटीक और ग्राउंड-रिपोर्टिंग चाहिए। हर संवाददाता को रोजाना कम से कम 2-3 मजबूत फीड्स देनी चाहिए, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना चाहिए और नैतिक पत्रकारिता का पालन करना चाहिए।”
चैनल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के सभी ब्यूरो पर सख्त नजर रखी जा रही है। हाल के महीनों में कई जगहों पर अनुशासनहीनता और निष्क्रियता के चलते चेतावनियां जारी की गई हैं। भविष्य में और कार्रवाइयां हो सकती हैं।
आज के डिजिटल युग में दर्शक तुरंत, सटीक और लोकल खबरें चाहते हैं। निष्क्रिय संवाददाता न केवल चैनल की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि पूरे मीडिया पेशे की छवि खराब करते हैं। इसलिए हर कर्मचारी को लगन, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
मीडिया जगत में चर्चा और सबक
यह घटना गुजरात और महाराष्ट्र के मीडिया सर्कल में काफी चर्चित हो रही है। कई वरिष्ठ पत्रकार मानते हैं कि ऐसे फैसले मीडिया हाउसों की पेशेवरता और व्यावसायिकता को मजबूत करते हैं। आजकल कई न्यूज चैनल नियमित प्रदर्शन समीक्षा करते हैं और निष्क्रिय कर्मियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हैं।
एटीवी न्यूज चैनल, जो पूरे देश में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है, लगातार अपने नेटवर्क को और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में काम कर रहा है। नए संवाददाताओं की नियुक्ति के साथ-साथ पुराने कर्मियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा भी जारी है।
यह घटना युवा पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है: निष्क्रियता अवसरों का अंत है। फील्ड वर्क, स्रोत विकास, समय पर रिपोर्टिंग और नैतिकता – ये हर सफल पत्रकार के मूल स्तंभ हैं। जो लगन से काम करेंगे, उन्हें सम्मान और पदोन्नति मिलेगी। जो आरामतलब बने रहेंगे, उन्हें जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।
एटीवी न्यूज का वादा दर्शकों से
एटीवी न्यूज चैनल सभी दर्शकों को आश्वासन देता है कि हमारी टीम हर जिले, हर तहसील और हर गांव तक सच्ची पत्रकारिता पहुंचाएगी। सक्रिय रहो, जिम्मेदार रहो, राष्ट्र की आवाज बनो – यही हमारा मंत्र है।
अब्दुल कादर शेख को उनकी नई भूमिका में शुभकामनाएं। उम्मीद है कि पालनपुर से वे मजबूत और सक्रिय रिपोर्टिंग के साथ वापसी करेंगे और चैनल की विश्वसनीयता को और बढ़ाएंगे।
चैनल प्रबंधन ने सभी स्टेट हेड्स को निर्देश दिया है कि वे अपनी टीमों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी निष्क्रियता पर तुरंत कार्रवाई करें।

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