“वफ़ा सुल्तान एक सीरियाई-अमेरिकी चिकित्सक, लेखिका और इस्लाम की आलोचक हैं- सन् 2006 में टाइम मैगजीन ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाल...
“वफ़ा सुल्तान एक सीरियाई-अमेरिकी
चिकित्सक, लेखिका और इस्लाम की आलोचक हैं-
सन् 2006 में टाइम मैगजीन ने उन्हें
दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया”
वफ़ा सुल्तान ने अमेरिकियों को संबोधित करते हुए
“इस्लाम और पश्चिमी सभ्यता — क्या वे सह-अस्तित्व में रह सकते हैं?”
विषय पर भाषण दिया-
यह एक पुराना भाषण है, लेकिन उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं-
मुझे इस सम्मेलन में बोलने के लिए आमंत्रित करने
और दुनिया के सामने मौजूद सबसे खतरनाक मुद्दे —
इस्लामी आतंकवाद — के बारे में
अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद-
संक्षेप में :
“इस्लाम कोई धर्म नहीं है,
यह एक राजनीतिक विचारधारा है,
जो स्वयं को बल और भय के माध्यम से
थोपती है-
अमेरिकी मूल्य-
जैसे करुणा, सम्मान और दूसरों को स्वीकार करना-
उन्हीं मूल्यों को खतरे में डालने वाले
खतरे को समझने में बाधा नहीं बनने चाहिए-
इन मूल्यों का अंधानुकरण
पतन का कारण बन सकता है-
मैं मूल रूप से सीरिया से हूँ, और पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से
चल रहे भयावह युद्ध को
मैंने निकट से और दुख के साथ देखा है-
मैं आपको बता सकती हूँ कि यह युद्ध
इस बात का जीवित प्रमाण है कि
पृथ्वी पर कोई भी देश
इस्लाम द्वारा लाई गई विनाश और क्रूरता से
अछूता नहीं है-
जब इस्लाम की बात आती है,
तो अमेरिकी गहरी नींद में हैं,
उन्हें जागना होगा और यह समझना होगा कि
यदि वे इस विचारधारा की गंभीरता को
नजरअंदाज करते रहे,
तो विनाश और क्रूरता
यहां भी हो सकती है और होगी”
जो बात भारत में हिंदुओं के लिए कही जाती है कि वे सोए हुए हैं, वह अमेरिका के ईसाइयों पर भी लागू होती है जिसका परिणाम यूरोप का ईसाई जगत देख भी रहा है और अमेरिका में भी उसका प्रभाव शुरू हो चुका है -
(सुभाष चन्द्र)
“मैं वंशज श्री राम का)
02/03/2026
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